5 Easy Facts About Shabar mantra: Described



साधक साधना में उपयोग की सामग्री (नैवेद्य, भोग) तथा अपना भोजन स्वयं तैयार करें। 

जिसे कभी चंद्रग्रहण तो कभी सूर्यग्रहण के नाम से जाना जाता है, जिसमें कभी-कभी ग्रहण में चंद्र पर ग्रहण लग जाता है तो कभी कभी सूर्य पर ग्रहण लग जाता है.

भूत बाधा नाशक मंत्र : भुत प्रेत भगाने का शक्तिशाली मंत्र

साधना के समय जल का लोटा अपने पास रखें। 

जब ऐसा हो जाता है तो कहते हैं कि मंत्र सिद्ध हो गया। ऐसा मंत्र को लगातार जपते रहने से होता है। यदि आपका ध्यान इधर, उधर भटक रहा है तो फिर मंत्र को सिद्ध होने में भी विलंब होगा। कहते हैं कि 'करत-करत अभ्यास से जडमति होत सुजान। रसरी आवत-जात से सिल पर पड़त निसान॥'

आध्यात्मिक उन्नति: हनुमान जी के शाबर मंत्रों के माध्यम से साधक ज्ञान, मोक्ष, और आत्मिक संतुष्टि प्राप्त कर सकता है।

पतने पानी करे। गुआ करे। याने करे। सुते करे।

साधना समय में असली धूप का हीं उपयोग करें। 

मंत्र के द्वारा हम खुद के मन या मस्तिष्क को बुरे विचारों से दूर रखकर उसे नए और अच्छे विचारों में बदल सकते हैं। लगातार अच्छी भावना और विचारों में रत रहने से जीवन में हो रही बुरी घटनाएं रुक जाती है और अच्छी घटनाएं होने लगती है। यदि आप सात्विक रूप से निश्चित समय और निश्चित स्थान पर बैठक मंत्र प्रतिदिन मंत्र का जप करते हैं तो आपके मन में आत्मविश्वास बढ़ता है साथ ही आपमें आशावादी दृष्टिकोण भी विकसित होता है जो कि जीवन के लिए जरूरी है।

मौनी अमावस्या पर स्नान करने और दान देने के क्या हैं फायदे

इसी तरह लगातार जप का अभ्यास करते रहने से आपके चित्त में वह मंत्र इस कदर जम जाता है कि फिर नींद में भी वह चलता रहता है और अंतत: एक दिन वह मंत्र सिद्ध हो जाता है। दरअसल, मन जब मंत्र के अधीन हो जाता है तब वह सिद्ध होने लगता है। अब सवाल यह उठता है कि सिद्ध होने के बाद क्या होता है या कि उसका क्या लाभ? आओ अगले पन्नों पर इसे जानते हैं।

सामग्री का चयन और उपयोग:- मंत्र जाप में उपयोग होने वाली सामग्री जैसे दीपक, धूप और नैवेद्य ताजा और शुद्ध होना चाहिए। दीपक में देशी घी का उपयोग करें। 

यह दोनों एक प्राकृतिक घटना होती है जो अपने आप घटित होती है, ऐसे में आप यह अवश्य सोचते होंगे कि आखिर यह घटनाएं कैसे होती है तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब चंद्रमा और पृथ्वी दोनों ग्रह के ठीक आमने सामने आती है तब यह घटनाएं होती है.

ताकि वह ग्रहण काल get more info में अपनी मनचाही सिद्धि कर पाए, ग्रहण काल में चाहे वैदिक मंत्र हो या फिर साबर मंत्र हो दोनों की सिद्धि की जा सकती है और दोनों ही मंत्र बड़ी जल्दी सिद्ध हो जाते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *